Agnipath Bharti Pravesh Yojana- 4 साल की संविदा पर आर्मी में निकलेंगी सैनिकों की भर्ती

Agnipath Bharti Pravesh Yojana- 3 साल की संविदा पर आर्मी में निकलेंगी सैनिकों की भर्ती. सेना में भर्ती होने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना लागू करने जा रही है। इसके तहत तीनो सेनाओं में युवाओं को 3 साल के लिए सैनिक के रूप में भर्ती करेंगे। इन भर्ती हुए जवानों को अग्नि वीर कहा जाएगा। इससे सशस्त्र बलों की औसत उम्र में कमी आएगी। रिटायरमेंट और पेंशन के रूप में सरकार पर बोझ नहीं पड़ेगा। युवाओं के लिए यह सुनहरा मौका इसलिए है क्यूंकि रक्षा बलों के पास यह विकल्प भी रहेगा कि वे कुछ अग्निवीरों को स्थायी सेवा में शामिल कर सकते है। ये अग्निवीर बाद में कॉर्पोरेट में भी नौकरी कर सकेंगे।

Latest Update 28th June:- अग्निपथ योजना: एयर फोर्स के लिए अब तक 94,281 ने किया आवेदन

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत इंडियन एयर फोर्स में सेवायें देने के लिए 94281 अभ्यर्थी अब तक आवेदन कर चुके है। आवेदन प्रक्रिया 5 जुलाई तक चलेगी। इसकी जानकारी भारतीय वायुसेना ने अपने सोशल मीडिआ अकाउंट के माध्यम से जारी की है। भर्ती के लिए 29 दिसंबर 1999 से लेकर 29 जून 2005 के बीच जन्म लेने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते है। केवल अविवाहित उम्मीदवार ही इस पद के लिए पात्र होंगे।

Apply Air Force Agniveer Bharti 2022 Online Form

अग्निवीर : उम्र सीमा 2 साल बढ़ी
अग्निपथ पर संग्राम – 7 राज्यों में दिनभर उग्र विरोध, सरकार ने देर रात दी राहत
इस साल 21 के बजाय 23 साल के युवा भी अग्निवीर बन सकेंगे

अग्निपथ योजना : शॉर्ट टर्म सैनिक भर्ती करने की नीति पर विवाद, राजस्थान और बिहार में कई जगह प्रदर्शन

शॉर्ट टर्म सैनिक योजना “अग्निपथ”की घोषणा के अगले ही दिन राजस्थान के सीकर और बिहार में प्रदर्शन शुरू हो गए है। वहीं, कई रिटायर्ड शीर्ष सैन्य अफसरों ने इस नीति पर सवाल उठाये है। सबसे बड़ी आशंका है कि 4 साल नौकरी के बाद जो अग्निवीर सैनिक सेनसे हटाए जाएंगे, उनका भविष्य क्या होगा? क्यूंकि, 4 साल बाद सिर्फ 25% अग्निवीर सैनिक ही सेवा में बने रहेंगे। इस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सफाई दी कि जो 75% अग्निवीर सेवा से बाहर होंगे, उन्हें असम राइफल्स या अन्य केंद्रीय सशत्र बलों की भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी।

देश की सेवा के लिए चार साल “अग्निपथ” पर चलेंगे “अग्निवीर”

सेना में भर्ती के लिए नई व्यवस्था “टूर ऑफ ड्यूटी” को “अग्निपथ” नाम दिया गया है। इसके तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को “अग्निवीर” कहा जाएगा। इस सिस्टम के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के लिए होगी। इसके बाद उन्हें 10-12 लाख रुपए मिलेंगे। यह राशि टैक्स मुक्त होगी। “अग्निवीरों” को उनकी सेवा के लिए सर्टिफिकेट्स और डिप्लोमा भी दिए जाएंगे। इस व्यवस्था से अफसर रैंक से कम पर थल सेना, वायुसेना व नौसेना में हर साल 45,000- 50,000 भर्तियों की योजना है। यह भर्ती साल में 2 बार होगी। हालाँकि नई व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि नए सिस्टम से सेनाके तीनों अंगों में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को राहत मिलेगी। पिछले दो साल से थलसेना, वायुसेना और नौसेना में कोई भर्ती नहीं हुई है। सेना में जेसीओ के 1 लाख से ज्यादा पद खाली है।

सख्त ट्रेनिंग के बाद कश्मीर व पूर्वोत्तर में तैनात किए जाएंगे

संविदा पर भर्ती हुए जवानों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर में तैनात करेंगे। आतंकी गतविधि से निपटने, ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने व सूचना टेक्नोलॉजी जैसे काम करेंगे। ऐसे युवा जो किन्ही कारणों से अन्य दिशा में मुड़ गए है। आईआईटी और अन्य प्रोफेशनल स्ट्रीम के युवा भी शामिल हो सकेंगे। सरकार को इससे यह फायदा होगा कि रिटायरमेंट लाभ और अन्य खर्चे बच जाएंगे। इसमें बेहतर प्रदर्शन पर नौकरी स्थायी हो जायेगी। इस प्रक्रिया के तहत अब सेना में जवानों की भर्तियां संविदा के आधार ( contract basis ) पर हो सकती है। यानि अब सेना ( Indian Army ) में जल्द ही युवाओं को भर्ती होने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत सेना में भर्ती का प्रस्ताव आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ एमएम नरवने ने 2020 में दिया था।

आतंक रोधी अभियानों में युवाओं को मिलेगा काम का मौका

सरकार इस प्रक्रिया को कम बजट से शुरू कर रही है। इस योजना के तहत सेना भर्ती ( recruitment in Indian Army) तीन साल के लिए हो सकती है। इन तीन सालों के दौरान युवाओं को शिक्षा भी दी जाएगी। इसके माध्यम से चयनित उम्मीदवार को आतंकवाद विरोधी अभियान, खुफिया जानकारी जुटाने और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काम का मौका मिलेगा।

कोरोना ने बदला RTE Admission 2022 टाइम फ्रेम यहाँ जाने कब से होंगे दाखिले

क्या रहेगा टूर ऑफ ड्यूटी (Tour Of Duty) अग्निवीर भर्ती का पैमाना

  1. साढ़े 17 साल से 21 साल तक की उम्र वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
  2. भर्ती की बाकी योग्यताएं वहीं रहेंगी। जो सेना में इस समय लागू है।
  3. रंगरूटों की 6 माह ट्रेनिंग होगी। शेष वक्त (3.5 साल) वे सर्विस करेंगे। अभी सैनिक 17-20 साल सर्विस करता है।
  4. चार साल का सर्विस पीरियड पूरा होने के बाद इनमें से 25% को एक महीने बाद फिर सेना में शामिल कर लिया जाएगा।

सैलरी (Salary) कितनी कब और कैसे मिलेगी ?

  • शुरुआती सैलरी 30,000 रुपए महीना होगी, जो चौथा साल खत्म होते होते 40,000 तक पहुँच जायेगी।
  • सरकार सैलरी का 30 फीसदी हिस्सा ‘बचत’ के रूप में रखेगी और उतना ही ‘सेवा निधि’ में जमा करेगी। बाकी 70 फीसदी सैलरी खाते में क्रेडिट होगी।

Agnipath Scheme 2022 Bharti Schedule

भर्ती का कार्यक्रम
वायु सेना
पंजीकरण- 24 जून से
ऑनलाइन परीक्षा- पहला चरण 24 जुलाई से दिसंबर तक
पहले बैच का नामांकन प्रशिक्षण- 3 दिसंबर तक शुरू
नौसेना
भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम : 25 जून तक जारी होगा
प्रशिक्षण : पहले बैच का प्रशिक्षण 21 नवम्बर तक शुरू।
सेना
40,000 अग्निवीरों की भर्ती के लिए देश भर में 85 रैलियां होंगी।
20 जून को ड्राफ्ट अधिसूचना जारी होगी।
एक- जुलाई के बाद से अलग-अलग भर्ती इकाइयां अधिसूचना जारी करेंगी।
प्रशिक्षण : 25000 अग्निवीरों का पहला बैच का दिसंबर के पहले और दूसरे हफ्ते तक, दूसरे बैच का प्रशिक्षण फरवरी 2023 से।

आखिर क्या होगा 4 साल बाद अग्निवीरों का ?

सूत्रों के मुताबिक ट्रेनिंग और सर्विस पीरियड के दौरान स्किल्स को देखते हुए जवानों को डिप्लोमा या क्रेडिट्स दिए जाएंगे। इनका इस्तेमाल वह आगे की पढ़ाई में कर सकेंगे। चार साल का टेन्योर खत्म होने के बाद सरकार सैनिकों के पुनर्वास के लिए मदद करेगी।

अग्निवीरों के लिए इग्नू तैयार करेगा 3 साल का डिग्री प्रोग्राम
सेना, नौसेना व वायुसेना के साथ होगा एमओयू

2 साल से सेना भर्ती के इंतज़ार में है युवा

सरकार आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 और 2019-20 में भारतीय थल सेना में क्रमश: 53,431 और 80,572 भर्तियां हुईं। 2020-21 और 2021-22 में भारतीय नौसेना में क्रमश: 2,772 और 5,547 कर्मियों की भर्तियां हुई। वायुसेना में 2020-21 और 2021-22 में क्रमश: 8,423 और 4,609 कर्मियों की भर्ती हुई जो पहले की तुलना में न के बराबर है।

FAQ- Agneepath Scheme 2022 Bharti

Que- अग्निपथ स्कीम 2022 में कौन आवेदन कर सकता है ?

Ans- 1 अक्टूबर 1999 के बाद जन्मे हों। 8वीं या 10वीं पास हो।

Que- भर्तियां और ट्रेनिंग कब से शुरू होंगी ?

भर्ती रैलियां अगस्त, सितम्बर और अक्टूबर में होंगी। 83 रैलियों में 40 हजार भर्तियां होंगी। 25 हजार युवाओं की दिसंबर के पहले और दूसरे हफ्ते में ट्रेनिंग शुरू होगी। दूसरा बैच 23 फरवरी 2023 के आसपास ट्रेनिंग शुरू करेगा। वायु सेना ने 24 जून से रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन परीक्षा का पहला चरण 24 जुलाई से करने की बात कही है। पहले बैच की ट्रेनिंग 3 दिसंबर तक शुरू होगी। दूसरा बैच 23 फरवरी के आसपास ट्रेनिंग शुरू करेगा। वायु सेना ने 24 जून से रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन परीक्षा का पहला चरण 24 जुलाई से करने की बात कही है। पहले बैच की ट्रेनिंग 3 दिसंबर तक शुरू होगी। नौसेना का कार्यक्रम 25 जून तक आएगा।

Que- आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है ?

सभी अभ्यर्थियों को वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर लॉगिन करना है। फिर अपनी योग्यता के हिसाब से प्रोफाइल बनानी होगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुर होने पर अपना आवेदन जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें एडमिट कार्ड मिलेगा। जिसे लेकर सेना की रैली में जाना होगा।

Que- यह योजना क्यों लाई गयी है ?
सरकार पेंशन जैसी देनदारी से बचेगी, सेना हमेशा ज्यादा जवान बनी रहेगी।

Que- अग्निपथ स्कीम के विरोध के क्या कारण है ?
विरोध दो स्तरों पर हो रहा है। पहला- युवाओं का कहना है 4 साल बाद बेरोजगार होने की आशंका रहेगी। दूसरा- अफसर बता रहे है कि योजना से प्रोफेशनल आर्मी के मापदंडों से समझौता करने की नौबत आएगी।

Que- किस-किस तरह की आशंकाएं है ?
ले. जरनल (रिटा.) डीएस हुड्डा बताते है कि 4 प्रमुख आशंकाएं है। पहली- ट्रेनिंग अवधि 6 माह है, जो कम है। सैनिक को दक्ष होने में समय लगता है। दूसरी- मोटिवेशनल लेवल कम हो सकता है। एक सैनिक अपनी यूनिट को घर मानता है। लेकिन, जब किसी सैनिक को लगेगा कि वह तो सिर्फ 4 साल के लिए यहाँ है तो हो सकता है कि मोटिवेशन लेवल रेगुलर सैनिक जितना न हो। तीसरी- रेसिमेंटल सिस्टम पर खतरा होगा। यह सेना की मजबूत बुनियाद है। जैसे सिख लाइट इन्फेंट्री, जाट, डोगरा या राजपूत। चौथी- सैनिक को पहले साल कटौती के बाद 21 हजार मिलेंगे यह कम है।

संविदा पर भर्ती (ठेका प्रथा) से टूटेगा युवाओं का मनोबल

सेना में संविदा पर भर्ती से युवाओं को रोजगार का अवसर तो मिलेगा, लेकिन यह उनके लिए मनोबल बढ़ाने वाला नहीं होगा। ऐसा इसलिए कि पिछले कुछ वर्षों से देखने को मिला है कि सेना के प्रति युवाओं में आकर्षण कम हुआ है। अब युवा पहलीे की तरह सेना में भर्ती के लिए उत्सुक नहीं हैं। ये बात अलग है कि बेरोजगारी की वजह से भर्ती में शामिल होने वालों की लंबी फौज है। फिर संविदा के आधार पर भर्ती में पैसे भी कम मिलेंगे। मोदी सरकार की Agnipath Bharti Pravesh Yojana का मकसद ही कम पैसों में सेना में जवानों की भर्ती करने की है।

Leave a Comment